
आज की डेटिंग संस्कृति में, बहुत से लोग खुद को अस्पष्ट रिश्तों में पाते हैं – ऐसे रिश्ते जो प्यार की तरह महसूस होते हैं लेकिन प्रतिबद्धता के बिना आते हैं। ये व्यवस्थाएं अक्सर एक या दोनों भागीदारों को भ्रमित, निराश और भावनात्मक रूप से थका देती हैं। दिव्या मोहिन्द्रू, काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट और फाउंडर एम्ब्रेस इम्परफेक्शन्स बताती हैं कि कैसे परिस्थितियाँ किसी को मानसिक रूप से प्रभावित करती हैं।
Source link