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भारत में एआई कौशल की पैठ उच्चतम स्तर पर है, अति-विनियमन से बचने की नीति अपनाई गई: जितिन प्रसाद

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नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने सोमवार को कहा कि भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कौशल की पहुंच उच्चतम स्तर पर है और इसने नवाचार को सुनिश्चित करने के लिए अति-नियमन से बचने का नीतिगत दृष्टिकोण अपनाया है।

यहां एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में एक सत्र में बोलते हुए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार चुस्त है और सभी विचारों को सुनती है।

उन्होंने कहा, सरकार समय की जरूरत के अनुसार अपनी नीतियों, कार्यक्रमों को बेहतर बनाती है।

उन्होंने कहा कि भारत के पास एआई क्षेत्र में दुनिया को पेश करने के लिए प्रक्षेप पथ, गति और पैमाना है।

प्रसाद ने कहा, “हमारे पास अधिकतम एआई कौशल पहुंच है, हम अति-विनियमन न करने की नीति के साथ आगे बढ़े हैं ताकि नवाचार पनपे।”

किफायती कीमतों पर जीपीयू की उपलब्धता से युवा स्टार्टअप और आने वाली पीढ़ियों को मदद मिलेगी, जिनके पास बेहतरीन दिमाग और डिजाइन क्षमताएं हैं।

उन्होंने कहा कि भारत बड़े मॉडलों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के बारे में नहीं सोच रहा है, “हम स्केलेबल मॉडल पर विचार कर रहे हैं जिनका हमारे देश के भीतर प्रभाव हो”।

मंत्री ने कहा, देश उन एआई मॉडलों पर विचार कर रहा है जिनका किसी विशेष क्षेत्र या क्षेत्र या किसी विशेष समुदाय पर प्रभाव पड़ता है और “यही वह जगह है जहां भारत का ध्यान केंद्रित है।”

उन्होंने कहा, फोकस सभी के लिए प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराने पर है और भारत प्रौद्योगिकियों का लोकतंत्रीकरण करना चाहता है।

उन्होंने कहा, “लेकिन यह केवल प्रौद्योगिकी तक पहुंच के बारे में नहीं है, अब हमें पहुंच से परे और गहराई तक जाना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे पास हर पहलू में स्केलेबल समाधान हों… हम इसके लिए सही स्थिति में हैं।”



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