नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने गुरुवार को कहा कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) को अपने ऑडिट संरचनाओं में कर्मचारियों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है, 1 जुलाई, 2024 तक 38 प्रतिशत पद खाली हैं, जिससे योजनाबद्ध और पूर्ण ऑडिट के बीच अंतराल हो गया है।मार्च 2023 को समाप्त होने वाली अवधि के लिए राजस्व विभाग पर सीएजी की रिपोर्ट ने स्व-मूल्यांकन कर व्यवस्था के तहत करदाता अनुपालन सुनिश्चित करने में आंतरिक ऑडिट की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।सीएजी ने कहा, “1 जुलाई, 2024 तक, सीबीआईसी के ऑडिट फॉर्मेशन में 38 प्रतिशत पद खाली थे। परिणामस्वरूप, वित्तीय वर्ष 2022 की तुलना में वित्त वर्ष 2023 के दौरान आंतरिक ऑडिट के लिए चयनित इकाइयों की संख्या में कोई उल्लेखनीय वृद्धि (4 प्रतिशत की मामूली वृद्धि) नहीं हुई है।”पिछले कुछ वर्षों में ऑडिट पूर्णता दरों में सुधार देखा गया है, वित्त वर्ष 2011 में इकाइयों का ऑडिट 26 प्रतिशत, वित्त वर्ष 2012 में 48 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2013 में कुल नियोजित इकाइयों का 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है।सीएजी ने कहा, “हालांकि वित्त वर्ष 21 से वित्त वर्ष 23 तक नियोजित इकाइयों की तुलना में ऑडिट की गई इकाइयों के प्रतिशत में वृद्धि की प्रवृत्ति रही है, फिर भी नियोजित और ऑडिट की गई इकाइयों की संख्या के बीच अंतर है।”लेखापरीक्षा निष्कर्षों से वसूली दरों में मामूली बदलाव देखा गया है। कुल रिकवरी प्रतिशत वित्त वर्ष 22 में 17 प्रतिशत से थोड़ा बढ़कर वित्त वर्ष 23 में 18 प्रतिशत हो गया, लेकिन वित्त वर्ष 21 की 21 प्रतिशत की दर से नीचे रहा।सीएजी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सामान और सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम के तहत अनुपालन न करने वाले करदाताओं के खिलाफ विभागीय कार्रवाई समयबद्ध है।सीएजी ने सिफारिश की, “इसके मद्देनजर, मंत्रालय सीबीआईसी ऑडिट संरचनाओं में जनशक्ति को इष्टतम स्तर तक बढ़ाने के लिए आगे की कार्रवाई कर सकता है।”