“कुछ महत्वपूर्ण करने के लिए, आपको लाखों लोगों का विश्वास अर्जित करना होगा।”
सद्गुरु हमें सिखाते हैं कि सफलता कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे आप अकेले हासिल करते हैं। यदि लोग आप पर विश्वास नहीं करते हैं तो आप कुछ भी नहीं बना सकते – कोई व्यवसाय, कोई रिश्ता, या कोई विरासत।
मानव दृष्टिकोण: विश्वास ही एकमात्र ऐसी मुद्रा है जिसका अवमूल्यन नहीं होता। यह निरंतर प्रयास, वास्तविक समझ और आपके द्वारा दूसरों को प्रदान किए जाने वाले मूल्य के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता के माध्यम से बना है।
यदि आप कुछ बड़ा करना चाहते हैं, तो यह देखना बंद कर दें कि आप क्या प्राप्त कर सकते हैं और यह देखना शुरू करें कि आप कितना विश्वास अर्जित कर सकते हैं।